"Bitcoin ज्ञान की देवी की सेवा में लगे साइबर ततैयों का झुंड है, जो सच्चाई की आग से पलता है और गूढ़ ऊर्जा की दीवार के पीछे तेज़ी से और भी समझदार, और भी तेज़ और और भी ताकतवर होता जाता है।" आख़िर कौन हैं Michael Saylor, जिन्होंने बड़ी मेहनत से कमाए 6 अरब डॉलर Dot-com बुलबुला फूटने के साथ एक ही रात में गँवा दिए, और जो आगे चलकर दुनिया के सबसे बड़े Bitcoin बुल बन गए और साइबर ततैयों को दिशा देना जिनका शौक बन गया?
Michael Saylor कौन हैं?
1965 में अमेरिका के नेब्रास्का में एक फ़ौजी परिवार में जन्मे Saylor का बचपन दुनियाभर के अमेरिकी वायुसेना अड्डों पर बीता। बचपन से ही तकनीक और गणित में गहरी दिलचस्पी रखने वाले Saylor कहते हैं कि ये दोनों "लोगों को बेहतर फ़ैसले लेने" की ओर ले जाते हैं। हाई स्कूल से टॉपर और क्लास प्रेसिडेंट, दोनों के तौर पर निकलने के बाद उन्होंने पूरी सैन्य छात्रवृत्ति पर MIT से एयरोनॉटिक्स और एस्ट्रोनॉटिक्स की पढ़ाई पूरी की। इसके अलावा उन्होंने विज्ञान, तकनीक और समाज विषय में भी शिक्षा ली और डबल डिग्री के साथ ग्रेजुएट हुए। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कंप्यूटर सिमुलेशन तकनीक को सार्वजनिक नीति और बिज़नेस रणनीति में कैसे इस्तेमाल किया जाता है। यह बात उन्हें इतनी रोमांचक लगी कि उन्होंने इस पर थीसिस तक लिख डाली। इस दौर में भी Saylor ने अपने शौक नहीं छोड़े — यूनिवर्सिटी में उन्होंने एक रॉक बैंड में गिटार बजाना शुरू किया और ग्लाइडर उड़ाना सीखा।
करियर की राह पर कदम-दर-कदम
'87 में MIT से सर्वोच्च सम्मान के साथ ग्रेजुएट हुए Saylor ने सरकार के लिए काम किया और वायुसेना में सेकंड लेफ्टिनेंट बने। इसके तुरंत बाद वे सशस्त्र बलों में शामिल हो गए। उन्होंने अलग-अलग कंपनियों में रणनीतिक फ़ैसलों में मदद करने वाले कंप्यूटर सिमुलेशन बनाने पर ध्यान दिया और औपचारिक रूप से अपना कंसल्टिंग करियर शुरू किया। 24 साल की उम्र में उन्होंने तकनीक के प्रति अपने जुनून, कारोबार से अपने लगाव और बेशक कंप्यूटर सिमुलेशन के अपने शौक को जोड़कर MicroStrategy की शुरुआत की — वह कंपनी जो बिज़नेस इंटेलिजेंस के एक नए तरीके की अगुवाई करने वाली थी, और तब उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि यह लगातार बढ़ेगी और नौ साल में पब्लिक हो जाएगी। 1998 में कंपनी शेयर बाज़ार में लिस्ट हुई और दुनियाभर के हज़ारों संगठनों को सेवा देते हुए एंटरप्राइज़ एनालिटिक्स और मोबिलिटी सॉफ़्टवेयर में ग्लोबल लीडर बन गई।
उद्यमी दिमाग़ का कमाल
1999 में उन्होंने Saylor Foundation बनाई, जिसने बाल स्वास्थ्य, शरणार्थी राहत, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कला को सहयोग जैसे कामों में लाखों डॉलर दान किए हैं। यह फ़ाउंडेशन Saylor Academy चलाता है, जो दुनियाभर के छात्रों को मनोविज्ञान से लेकर कला इतिहास और अर्थशास्त्र तक के कोर्स देती है। उसी साल, यानी 1999 में, MicroStrategy Wall Street की सबसे कीमती कंपनियों में से एक बन गई और ख़ुद Saylor वॉशिंगटन के सबसे अमीर शख्स। इसके बाद शेयरों की भारी गिरावट के साथ तथाकथित आर्थिक बुलबुला फूटा और उन्होंने एक ही रात में 6 अरब डॉलर गँवा दिए। 2012 में उन्होंने "द मोबाइल वेव: मोबाइल इंटेलिजेंस सब कुछ कैसे बदल देगी?" किताब लिखी, जो बेस्टसेलर बनी। उन्होंने Alarm.com की स्थापना की, जो रिमोट कंट्रोल और होम ऑटोमेशन जैसी सेवाएँ देने वाली टेक कंपनी है। उन्होंने शुरुआती क्लाउड कंपनियों में से एक Angel.com भी बनाई, जिसे 2013 में 11 करोड़ डॉलर में बेच दिया। उसी साल उन्होंने कहा था, "Bitcoin के दिन गिने-चुने हैं। लगता है यह सिर्फ़ समय की बात है कि इसका हश्र भी ऑनलाइन जुए जैसा ही होगा।" लेकिन 2020 में उन्होंने 180 डिग्री पलटी मारी, डिजिटल एसेट्स के सबसे उत्साही समर्थकों में से एक बन गए, और MicroStrategy सबसे बड़े Bitcoin भंडार वाली कंपनियों में शामिल हो गई।
Michael Saylor का दिवालियापन
MicroStrategy के बुनियादी सिद्धांत — या कहें Saylor का नज़रिया — यहाँ तक पहुँचने से पहले सालों तक लगभग एक जैसे ही रहे। क्योंकि वे किसी से भी बेहतर जानते हैं कि शेयरों से बनी दौलत कितनी क्षणभंगुर हो सकती है। इक्कीस साल पहले, Dot-com बूम के दौरान, MicroStrategy ने अरबों डॉलर गँवाए, ऊपर से धोखाधड़ी के आरोप लगे और कंपनी लगभग डूबते-डूबते बची। इसीलिए पिछले साल तक, जब एक विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा चर्चा में आई, उन्होंने अपने पारंपरिक ढाँचे से समझौता नहीं किया, बल्कि उसका विरोध ही किया। मार्च 2020 में यह समझते हुए कि अब और कैश रखना ठीक नहीं, उन्होंने इस समस्या का सबसे तार्किक हल ढूँढने के लिए रिसर्च शुरू की।
पुनर्जन्म
इसी वजह से 11 अगस्त 2020 को उन्होंने कंपनी का सारा कैश Bitcoin में बदल दिया। दरअसल इतना कैश भी कम पड़ता, क्योंकि इसी दौर में उन्होंने सिर्फ़ क्रिप्टो में निवेश बढ़ाने के लिए 2 अरब डॉलर से ज़्यादा उधार लिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "एक दिन अरबों लोग डिजिटल वैल्यू रखेंगे; जब वह वक्त आएगा, हम उन अरबों लोगों से पहले वहाँ मौजूद रहना चाहते हैं।" इस सिस्टम से उनके इतने जुड़ाव की वजह थी तकनीकी नेटवर्क और उसकी क्षमता। Saylor के लिए Bitcoin और Apple या Facebook जैसे दूसरे तकनीकी नेटवर्क में फ़र्क यही है कि यह एक शुद्ध तकनीकी नेटवर्क है जो कहीं से जुड़ा हुआ नहीं है, यानी किसी सत्ता से स्वतंत्र है। सितंबर में Michael Saylor ने ऐलान किया कि उन्होंने MicroStrategy की ओर से 5,050 और Bitcoin खरीदे हैं। इसके साथ कंपनी का कुल भंडार 114,000 Bitcoin के स्तर को पार कर गया। इसके अलावा उनके अपने वॉलेट में करीब 18,000 Bitcoin हैं।
