नेस्टेड एक्सचेंज मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों का पसंदीदा जरिया बन चुके हैं। इस लेख में आपको इन नेस्टेड एक्सचेंज और सेवाओं के बारे में सब कुछ मिलेगा — इनसे निपटने के लिए हम क्या कर रहे हैं, आप खुद को कैसे बचा सकते हैं, और इनकी वजह से खाते ब्लॉक या फ्रीज क्यों होते हैं।
जरूरी बातें:
- नेस्टेड एक्सचेंज वह प्लेटफॉर्म है जो किसी दूसरे, पहले से मौजूद एक्सचेंज पर बने वॉलेट या अकाउंट के जरिए क्रिप्टो ट्रेडिंग की सुविधा देता है।
- नो योर कस्टमर (KYC) और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) नियमों से बचना चाहने वालों के लिए नेस्टेड एक्सचेंज बेहद आकर्षक होते हैं।
- इस लेख में आप जानेंगे कि नेस्टेड एक्सचेंज से कैसे दूर रहें, इनसे जुड़ी आम सुरक्षा समस्याएं क्या हैं, और Binance में हमने इस मुद्दे से कैसे निपटा।
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक नया चलन उभरा है, और यह चलन बिल्कुल भी सुखद नहीं है। इन्हें नेस्टेड एक्सचेंज कहा जाता है और ये दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों का सबसे नया पसंदीदा हथियार बन गए हैं। संक्षेप में कहें तो नेस्टेड एक्सचेंज किसी दूसरे, पहले से चल रहे एक्सचेंज पर मौजूद वॉलेट या अकाउंट के जरिए क्रिप्टो ट्रेडिंग सेवाएं देता है। ऐसे एक्सचेंज आमतौर पर पर्दे के पीछे काम करते हैं और जिस एक्सचेंज पर इनका अकाउंट होता है, उससे इनका नाम शायद ही कभी जुड़ता है। तो फिर लोग इनका इस्तेमाल क्यों करते हैं?
कुछ यूजर्स इन्हें इसलिए चुनते हैं क्योंकि यहां KYC और AML की शर्तें लगभग न के बराबर होती हैं। हो सकता है ये लोग बस गुमनाम रहना चाहते हों, या हो सकता है इनके इरादे गलत हों। असल में अक्सर दूसरी बात ही सच होती है। तो नेस्टेड एक्सचेंज काम कैसे करते हैं?
- व्यक्ति A किसी नेस्टेड एक्सचेंज पर जाता है और ETH बेचकर BTC खरीदने का फैसला करता है।
- व्यक्ति A नेस्टेड एक्सचेंज में ETH जमा करता है।
- नेस्टेड एक्सचेंज उस ETH को दूसरे एक्सचेंज पर मौजूद अपने अकाउंट/वॉलेट में भेज देता है, जहां कन्वर्जन पूरा होता है।
- नेस्टेड एक्सचेंज कन्वर्ट किया गया फंड व्यक्ति A को भेज देता है और ट्रेड पूरा हो जाता है।
लेकिन इस पूरी प्रक्रिया की ढीली शर्तें ही इसे उन बदनीयत लोगों के लिए आकर्षक हथियार बना देती हैं, जो अपनी अवैध कमाई छिपाना चाहते हैं और Binance जैसे सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज की शर्तों से बचना चाहते हैं। इस लेख में आप जानेंगे कि नेस्टेड एक्सचेंज से कैसे बचें और इनसे जुड़ी आम सुरक्षा समस्याएं क्या हैं।
नेस्टेड एक्सचेंज से कैसे बचें?
नेस्टेड एक्सचेंज देखने में बिल्कुल आम क्रिप्टो एक्सचेंज जैसे ही लगते हैं। कुछ का तो यूजर इंटरफेस भी नकली होता है, हालांकि ऐसा कम ही देखने को मिलता है। यूजर आमतौर पर यह जानते हैं कि वे कौन-सी नेस्टेड सेवा इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि लेन-देन असल में किस मुख्य एक्सचेंज पर और किस तरह हो रहा है। अगर आप नेस्टेड एक्सचेंज और उनसे जुड़े तमाम जोखिमों से बचना चाहते हैं, तो हमारी सलाह है कि किसी नियमन के दायरे में आने वाले सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज या ऐसी सेवा का इस्तेमाल करें जिसकी KYC और AML प्रक्रियाएं कानून के मुताबिक हों।
अगर आप जिस क्रिप्टो एक्सचेंज का इस्तेमाल कर रहे हैं वहां वेरिफिकेशन जांच या ट्रेडिंग लिमिट लगभग नहीं है, तो यह खराब संकेत है। अगर आपको शक है कि आपका सर्विस प्रोवाइडर एक नेस्टेड एक्सचेंज है, तो आप कभी भी ब्लॉकचेन एक्सप्लोरर की मदद से देख सकते हैं कि आपका फंड किसी दूसरे एक्सचेंज के वॉलेट या अकाउंट से तो नहीं आ रहा।
सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं
इन सेवाओं के सबसे बड़े जोखिमों में एक यह है कि मुख्य एक्सचेंज इन लेन-देन पर नजर नहीं रख पाता। याद रखें, जब आप अपना पैसा बेहद कमजोर सुरक्षा वाले एक्सचेंज को सौंपते हैं, तो आप कहीं ज्यादा बड़ा जोखिम उठा रहे होते हैं। बदनीयत लोग इन सेवाओं का इस्तेमाल मुख्य प्लेटफॉर्म की AML/KYC शर्तों से बचने के लिए करते हैं। भले ही आप अपनी रोजमर्रा की क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए पीयर-टू-पीयर एक्सचेंज इस्तेमाल करते हों, आप अनजाने में आपराधिक या आतंकी गतिविधियों को फंडिंग दे रहे हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में नेस्टेड एक्सचेंज पर कानूनी एजेंसियों की ओर से प्रतिबंध लग सकते हैं और उसे बंद तक किया जा सकता है। किस देश का कानून लागू होता है, इसके आधार पर आपका फंड जब्त हो सकता है या अनिश्चित काल के लिए ब्लॉक किया जा सकता है। अगर किसी कानून प्रवर्तन एजेंसी के पास यह मानने का आधार है कि कोई नेस्टेड एक्सचेंज अवैध गतिविधियों में शामिल है और वह उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकती है, तो उससे जुड़ी सेवाएं और संपत्तियां ब्लॉक और/या जब्त की जा सकती हैं। एजेंसी के पास ऐसा करने की अलग-अलग वजहें हो सकती हैं, लेकिन यूजर के लिए सबसे अहम बात यह है कि किसी सेवा के खिलाफ चली कानूनी कार्रवाई के बाद पैसा शायद कभी वापस न मिले। और अगर पैसा वापस मिल भी जाए, तो यह पूरी कवायद समय और पैसे दोनों के लिहाज से बेहद भारी पड़ सकती है।
