संक्षेप में
बिटकॉइन को मिली व्यापक स्वीकृति और उसकी लंबी अवधि की तेज़ी के बाद संस्थागत निवेशक अब क्रिप्टोकरेंसी में ज़्यादा दिलचस्पी दिखाने लगे हैं।
एसेट मैनेजर अपनी पोज़िशन बढ़ाने की तैयारी में हैं — या तो सीधे क्रिप्टोकरेंसी खरीदकर, या फिर उन कंपनियों और शेयरों में निवेश करके जिन्हें क्रिप्टो से फ़ायदा होता है।
इस लेख में हम रिटेल निवेशकों के कुछ सबसे आम सवालों पर बात करेंगे।
क्या आपको बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी आज़मानी चाहिए?
लंबे समय तक क्रिप्टो इंडस्ट्री के सबसे बड़े खिलाड़ी रिटेल निवेशक ही रहे हैं, लेकिन आज एसेट मैनेजरों के बीच सवाल कुछ और है — किसने अब तक अपने पोर्टफोलियो में क्रिप्टो नहीं जोड़ा है?
इस सोच के बदलने के पीछे कई वजहें हैं। पारंपरिक फ़ाइनेंस को लंबे समय तक क्रिप्टोकरेंसी रास नहीं आई। दस साल पहले कई हेज फ़ंड इसे निवेश का गंभीर विकल्प मानते तक नहीं थे। जाने-पहचाने शेयरों और बॉन्ड की स्थिरता और संभाली जा सकने वाली जोखिम के मुकाबले बिटकॉइन जटिल, नया, बेहद उतार-चढ़ाव वाला और वित्तीय हलकों में अनजाना लगता था।
दिक्कत यह नहीं थी कि फ़ंड मैनेजरों को नई तकनीक से चिढ़ थी। डॉट-कॉम बुलबुला फूटने के बाद नई, बिना परखी और बेहद अस्थिर तकनीकों से दूर रहना ज़्यादा समझदारी लगती थी। बिटकॉइन पारंपरिक फ़ाइनेंस के मानकों पर खरा नहीं उतरता था, और उसके समर्थक उसकी संभावनाओं की चाहे जितनी वकालत करते, न समर्थन बढ़ रहा था और न वैश्विक स्वीकार्यता।
आज इंडस्ट्री में बहुत कुछ बदल चुका है। सबसे पहले, अपनाने की रफ़्तार नाटकीय रूप से बढ़ी है। सीमा-पार भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल काफ़ी आम हो चुका है, और ज़्यादा से ज़्यादा लोग बिटकॉइन को वैल्यू स्टोर करने के ज़रिये के तौर पर तथा महँगाई और महामारी के चलते कमज़ोर पड़ती फ़िएट करेंसी के ख़िलाफ़ हेज के तौर पर देख रहे हैं। TheBlockCrypto के आँकड़ों के मुताबिक, मासिक क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम दिसंबर 2017 के 346 अरब डॉलर से बढ़कर मई 2021 में 2.3 ट्रिलियन डॉलर हो गया।
इसके अलावा, मुख्यधारा के ज़्यादा से ज़्यादा संगठनों ने क्रिप्टोकरेंसी को अपनाया है और वे अपने ग्राहकों को क्रिप्टो सेवाएँ दे रहे हैं। टेस्ला जैसी कंपनियाँ जहाँ बिटकॉइन अपने पास रखती हैं, वहीं Microsoft, Overstock और Starbucks अब भुगतान के तरीके के रूप में क्रिप्टोकरेंसी स्वीकार करते हैं। PayPal और Square जैसी पेमेंट कंपनियाँ अपने यूज़र्स को अपने प्लेटफ़ॉर्म से ही क्रिप्टो खरीदने देती हैं, जबकि अमेरिकी बैंकिंग नियामक (OCC) ने बैंकों को ग्राहकों के लिए क्रिप्टो कस्टडी सेवाएँ देने की अनुमति दे दी है।
मुख्यधारा के मीडिया में भी क्रिप्टोकरेंसी की चर्चा पहले से कहीं ज़्यादा है। एलन मस्क और जैक डोर्सी जैसे टेक दिग्गजों ने खुलकर बिटकॉइन का समर्थन किया है, और क्रिप्टो के कई आलोचकों ने इस तकनीक पर अपनी राय बदली है।
क्रिप्टोकरेंसी में कदम रखना आज पहले से कहीं आसान है। क्रिप्टो इकोसिस्टम काफ़ी बड़ा हो चुका है, फिर भी इसमें निवेश के जोखिम गंभीर हैं। तेज़ उतार-चढ़ाव और सट्टेबाज़ी के प्रति खुलापन इन्हीं जोखिमों के उदाहरण हैं।
फिर भी, छोटे इतिहास के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी ने लगातार और सकारात्मक बढ़त दिखाई है, जिससे यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी एक व्यावहारिक विकल्प बन गई है। संस्थागत निवेशकों को इस पर गंभीरता से दोबारा सोचना ही था — बस वक़्त की बात थी।
क्या मुझे क्रिप्टो में निवेश करना चाहिए?
यह किसी से छिपा नहीं है कि लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी से पैसा कमाया है। साल की शुरुआत से अब तक बिटकॉइन का मूल्य लगभग 400% बढ़ चुका है। 2020 के मध्य में 9,000 डॉलर से उछलकर जुलाई 2021 में 32,000 डॉलर पर पहुँचा बिटकॉइन अप्रैल 2021 में 64,000 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर था। इस दौरान लगाए गए 1,000 डॉलर पर करीब 3,000 डॉलर का मुनाफ़ा हुआ होता।
हालिया घटनाएँ बताती हैं कि एसेट मैनेजर और हेज फ़ंड इस मुनाफ़े के मौके को पहचान रहे हैं, क्योंकि साल की शुरुआत से क्रिप्टोकरेंसी में संस्थागत पैसे का नया प्रवाह देखा गया है।
यूरोपीय निवेश फ़र्म Nickel Digital Asset Management की ओर से कराए गए वेल्थ मैनेजरों के एक अध्ययन के अनुसार, MicroStrategy, Grayscale, Tesla और Galaxy Digital Holdings — सभी ने अपने पोर्टफ़ोलियो में क्रिप्टोकरेंसी शामिल की है, और क्रिप्टो एसेट्स के साथ प्रयोग कर रहे कई संस्थागत निवेशक अपनी पोज़िशन बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
100 संस्थाओं को कवर करने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सर्वे के मुताबिक, 82% उत्तरदाता 2023 तक अपनी क्रिप्टो और डिजिटल एसेट होल्डिंग बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। पोज़िशन बढ़ाने की मुख्य वजह के तौर पर उन्होंने क्रिप्टो क्षेत्र में नियमन के विकास का हवाला दिया।
ये नतीजे बताते हैं कि सतोशी नाकामोतो के बिटकॉइन व्हाइटपेपर प्रकाशित करने के बाद से क्रिप्टोकरेंसी ने कितना असाधारण सफ़र तय किया है। लेकिन मौजूदा हालात देखें तो साफ़ है कि क्रिप्टोकरेंसी अब भी शुरुआती दौर में ही है।
कितना निवेश करना चाहिए?
क्रिप्टोकरेंसी में मुनाफ़े की संभावना बहुत बड़ी है, फिर भी छोटी रकम से शुरू करके देखना बेहतर रहता है। पिछले दशक में कई चीज़ें सुधरी हैं, लेकिन क्रिप्टो की कीमतें आज भी बेहद अस्थिर और सट्टेबाज़ी के प्रति खुली हैं।
क्रिप्टोकरेंसी में कोई निवेशक कितनी रकम लगाए, यह काफ़ी हद तक उसकी जोखिम सहने की क्षमता और नुकसान झेलने की आर्थिक हैसियत पर निर्भर करता है। अपने ग्राहकों के लिए क्रिप्टो में निवेश करने वाले कई एसेट मैनेजर सलाह देते हैं कि कुल पोर्टफ़ोलियो का 0.5–1% हिस्सा क्रिप्टो में रखा जाए। यह देखते हुए कि क्रिप्टोकरेंसी का बाज़ार पूंजीकरण दुनिया भर के शेयरों और बॉन्ड का महज़ 0.5% है, 2% को पहले से ही आक्रामक माना जाता है।
जिन्हें अपने जोखिम प्रबंधन पर भरोसा है, उन्हें छोटी शुरुआत करनी चाहिए और नियमित अंतराल पर एक तय रकम की क्रिप्टोकरेंसी तब तक खरीदते रहना चाहिए, जब तक उनका लक्षित हिस्सा पूरा न हो जाए। डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग नाम से मशहूर यह तरीका बाज़ार के ऊपरी स्तर पर खरीदने की आशंका को कम करता है।
इसके अलावा, क्रिप्टो की दुनिया और इंडस्ट्री की बेहतरीन प्रथाओं की जानकारी इस अस्थिर एसेट क्लास में निवेश से जुड़े जोखिम संभालने में मदद करती है।
क्रिप्टो की दुनिया में कदम रखते समय क्या खरीदें?
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में उतरने के सबसे तेज़ और आसान तरीकों में से एक है Binance जैसे बड़े एक्सचेंज पर अकाउंट बनाकर बिटकॉइन खरीदना। आप eToro और Robinhood जैसी, बिटकॉइन उपलब्ध कराने वाली ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म के ग्राहक भी बन सकते हैं।
दूसरा रास्ता है क्रिप्टो में निवेश करने वाली संस्थाओं, ट्रस्टों और फ़ंडों के शेयर खरीदना। Grayscale Investments LLC के पास करीब 650,000 BTC हैं और वह निवेशकों को अपने शेयर किसी भी दूसरी लिस्टेड एसेट की तरह खरीदने-बेचने देती है। यह ट्रस्ट सालाना 2% शुल्क लेता है और अपने पास मौजूद बिटकॉइन के मूल्य के हिसाब से प्रीमियम या डिस्काउंट पर ट्रेड कर सकता है।
Fidelity Investments जैसी बड़ी ब्रोकरेज कंपनियाँ अपने ग्राहकों को सीधे क्रिप्टोकरेंसी खरीदने नहीं देतीं, लेकिन खुद खरीदती हैं। इससे ग्राहक को ऐसा एसेट मिल जाता है जो क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य को दर्शाता है, और साथ ही वे सीधे क्रिप्टो ट्रेडिंग के जोखिम से भी बच जाते हैं।
क्या क्रिप्टो निवेश में विविधता लानी चाहिए?
कुछ क्रिप्टो उत्साही नेटवर्क के आकार और सबसे पहले आने के फ़ायदे की वजह से बिटकॉइन को तरजीह देते हैं। वहीं कुछ लोगों ने डॉट-कॉम दौर से सबक लिया है और बाद में आए क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स के फ़ायदे भी लेना चाहते हैं।
क्रिप्टो की दुनिया में धोखाधड़ी आम है, इसलिए कम जाने-पहचाने टोकन के मामले में खुद रिसर्च करना और निवेश छोटा रखना ही समझदारी है।
PwC की रिपोर्ट के अनुसार, 92% क्रिप्टो हेज फ़ंड बिटकॉइन में ट्रेड करते हैं, 67% की दिलचस्पी Ethereum में है, और 34% तथा 30% क्रमशः Litecoin और Chainlink में ट्रेड करते हैं। रिपोर्ट का एक निष्कर्ष यह भी है कि हेज फ़ंडों की पसंदीदा कुछ ऑल्टकॉइन अपनी कुल मार्केट कैप से कहीं ज़्यादा लोकप्रिय हैं।
क्रिप्टो विविधीकरण का अधिकतम लाभ लेने के लिए ज़रूरी है कि आप बाज़ार के प्रमुख खिलाड़ियों की पहचान करें, बिटकॉइन और मैक्रोइकॉनॉमिक बुनियादी बातों के बीच के रिश्ते को समझें, और यह भी परखें कि प्राइस साइकिल के दौरान बिटकॉइन को लेकर बना माहौल दूसरी क्रिप्टो एसेट्स पर कैसे असर डालता है।
हालाँकि, बिटकॉइन का इतिहास बहुत छोटा है और उसकी कीमत को प्रभावित करने वाले कारक इतने ज़्यादा हैं कि किसी निवेशक के लिए कीमत की चाल का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।
रीबैलेंस कितनी बार करना चाहिए?
विविध पोर्टफ़ोलियो को संभालने का सुझाया गया तरीका यह है कि एसेट खरीदकर रखे जाएँ और प्रदर्शन की समीक्षा के बाद साल में एक बार रीबैलेंस किया जाए। लेकिन अगर पोर्टफ़ोलियो में क्रिप्टोकरेंसी जैसी अस्थिर एसेट शामिल हैं, तो ज़्यादा बार रीबैलेंस करना समझदारी होगी।
महीने में एक बार नियमित रूप से रीबैलेंस करना आदर्श हो सकता है, या फिर जब आपका आवंटन लक्ष्य से 1% भटक जाए तब।
निष्कर्ष
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