क्रिप्टोकरेंसी के पर्यावरणीय असर पर हर कोई बात क्यों कर रहा है?
इस साल मार्च में जब एलन मस्क ने ऐलान किया कि टेस्ला की गाड़ियों के लिए बिटकॉइन (BTC) में भुगतान लेने का फैसला वे वापस ले रहे हैं, तो पूरी दुनिया चौंक उठी और पूरी ब्लॉकचेन इंडस्ट्री को अपने पर्यावरणीय असर का अहसास हुआ। बिटकॉइन और दूसरे नेटवर्क जिस माइनिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं, उसमें भारी मात्रा में ऊर्जा लगती है, क्योंकि लेनदेन पूरे करने के लिए ताकतवर मशीनों को पूरी क्षमता पर चलाना पड़ता है।
जितनी कंप्यूटिंग पावर चाहिए होती है, उतनी ही ज़्यादा बिजली की खपत होती है। यहीं से पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की बहस शुरू हुई।
आख़िर क्रिप्टोकरेंसी पर्यावरण को नुकसान कैसे पहुँचाती है?
क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर होने वाली हर चर्चा में टिकाऊपन आज भी सबसे अहम मुद्दों में से एक है। आज की कुछ सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी को चलाने में बेहिसाब ऊर्जा खर्च होती है। साफ़ है कि लेनदेन की पुष्टि के लिए की जाने वाली ब्लॉकचेन माइनिंग पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। दुनिया भर में सर्वर सेंटरों की संख्या और आकार जैसे-जैसे बढ़ रहे हैं, पर्यावरण को लेकर चिंता भी उतनी ही बढ़ रही है। हालाँकि नवाचार बढ़ने के साथ ऐसे वैकल्पिक कारोबारी समाधान सामने आ रहे हैं जो ऊर्जा खपत घटाने में मदद कर सकते हैं।
नए कॉइन इसलिए बनाए जाते हैं ताकि माइनर्स को उनके काम का इनाम मिल सके। यह प्रूफ ऑफ वर्क (PoW) प्रोटोकॉल नेटवर्क को बाहरी हमलों से बचाने में भी मदद करता है। किसी वितरित नेटवर्क में माइनिंग इसलिए होती है ताकि एक ही क्रिप्टोकरेंसी दो बार खर्च न की जा सके।
क्रिप्टो इंडस्ट्री के कई बड़े खिलाड़ी अपना समय इस बहस को दे रहे हैं कि क्रिप्टोकरेंसी का टिकाऊ भविष्य कैसा हो। MicroStrategy के सीईओ माइकल सेलर की अगुवाई वाली Bitcoin Mining Council का मक़सद ऊर्जा खपत में पारदर्शिता को बढ़ावा देना और ब्लॉकचेन पहलों में टिकाऊपन बढ़ाना है।
प्रूफ ऑफ वर्क से प्रूफ ऑफ स्टेक की ओर
ज़्यादातर नए ब्लॉकचेन नेटवर्क प्रूफ ऑफ वर्क के बजाय प्रूफ ऑफ स्टेक (PoS) सिस्टम को चुनते हैं। प्रूफ ऑफ वर्क सिस्टम क्रिप्टोग्राफ़िक पहेलियाँ बेहद अकुशल तरीक़े से हल करते हैं और आख़िरकार पूरी तरह ऊर्जा पर निर्भर हो जाते हैं। इसके उलट प्रूफ ऑफ स्टेक में शामिल यूज़र माइनर नहीं, बल्कि वैलिडेटर होते हैं। वैलिडेटर बड़ी मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी स्टेक करके ब्लॉकचेन में ब्लॉक जोड़ सकते हैं। इससे माइनर्स के बीच होड़ की ज़रूरत ख़त्म हो जाती है, ऊर्जा बचती है और ब्लॉकचेन हर लेनदेन को ज़्यादा कुशलता से निपटा पाता है।
क्या कभी "हरित क्रिप्टोकरेंसी" आएगी?
क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क में होने वाला हर लेनदेन नेटवर्क के सभी कंप्यूटरों तक प्रसारित होता है, और यही आपस में जुड़ा सिस्टम उनकी पुष्टि करता है। माइनिंग की पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली अकुशलता इस भरोसे पर सवाल खड़ा करती है कि ब्लॉकचेन लंबे समय का कारोबारी समाधान बन सकता है।
अच्छी बात यह है कि पर्यावरण के अनुकूल डिजिटल एसेट्स पर काम हो रहा है और इस क्षेत्र में तेज़ी से नए प्रयोग सामने आ रहे हैं। प्रूफ ऑफ स्टेक अब Cardano (ADA) और XinFin (XDC) जैसे अपेक्षाकृत नए प्रोटोकॉल का आधार है।
XDC नेटवर्क मास्टरनोड्स से चलता है, जिन पर ब्लॉक बनाने की ज़िम्मेदारी होती है। XinFin प्लेटफ़ॉर्म एक दमदार ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल है, जो पुराने सिस्टम के साथ बिना किसी अड़चन के जुड़ सकता है और केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म की कुछ बड़ी दिक्कतों को हल कर देता है।
XinFin XDC Network, जिसके पास अधिकृत प्रूफ ऑफ स्टेक पर आधारित क्रिप्टोकरेंसी भी है, अब बिजली की खपत पर ज़्यादा निर्भर हुए बिना शानदार प्रदर्शन दे पा रहा है। जो भी कारोबार विकेंद्रीकृत ऐप्लिकेशन का फ़ायदा उठाना चाहते हैं, XinFin उनके लिए इस कमी को पूरा करता है। 2017 में शुरू हुए XinFin Network ने ख़ुद को एक हाई-एंड एंटरप्राइज़ ब्लॉकचेन के तौर पर स्थापित किया है और उन्नत स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट वाली आधुनिक तकनीक से कई उद्योगों का बुनियादी ढाँचा सुधारने के लिए संगठनों के साथ साझेदारी की है। XDC ऊर्जा खपत को, और इसलिए अपने कार्बन फ़ुटप्रिंट को भी, काफ़ी हद तक घटाता है।
इंडस्ट्री के हरित आंदोलन का अगला क़दम क्या है?
ब्लॉकचेन तकनीक के पर्यावरणीय नतीजों का आकलन करने से क्रिप्टो की दुनिया में नए नवाचार सामने आए हैं। इसी ने XDC जैसे नेटवर्क को प्रेरित किया कि वे डिजिटल करेंसी के साथ काम करने की इच्छा रखने वाले कारोबारों के लिए, और आगे चलकर Ledgermail, StorX, GoPlugin, TradeFinex, स्टेबलकॉइन और ऐसे कई प्रोजेक्ट्स के लिए, टिकाऊ वैकल्पिक तकनीकी समाधान तैयार करें। जैसे-जैसे और ज़्यादा डेवलपर ब्लॉकचेन तकनीक से जुड़ने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, XinFin पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को घटाने में मदद कर रहा है।
