एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग के फ़ायदे

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एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग के इतना मशहूर होने की एक बड़ी वजह वे ठोस फ़ायदे हैं, जो इसे मैनुअल ट्रेडिंग से बेहतर बनाते हैं। एल्गो ट्रेडिंग के फ़ायदे मुख्य रूप से तीन चीज़ों से जुड़े हैं — रफ़्तार, सटीकता और कम लागत।

चूँकि एल्गोरिद्म पहले से लिखे जाते हैं और अपने आप execute होते हैं, इसलिए पहला बड़ा फ़ायदा रफ़्तार है। ये ट्रेड सेकंड के छोटे-से हिस्से में पूरे हो जाते हैं — इतनी तेज़ी से कि इंसानी आँख देख भी नहीं पाती।

एल्गोरिद्म से ट्रेडिंग करने का एक और फ़ायदा यह है कि यह एक साथ कई indicators पर नज़र रखकर ऐसी रफ़्तार से ऑर्डर execute कर सकता है, जो किसी इंसान के बस की बात नहीं। ट्रेड जल्दी analyze और execute होते हैं, इसलिए बेहतर दामों पर ज़्यादा मौक़े मिलते हैं।

एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग का एक और फ़ायदा है सटीकता। जब कंप्यूटर अपने आप ट्रेड execute करता है, तो आप ग़लती से ग़लत ऑर्डर डालने के उन जोखिमों से बच जाते हैं, जो मैनुअल ट्रेडिंग में आम हैं। हाथ से ऑर्डर डालते समय ग़लत करेंसी पेयर ख़रीदने या ग़लत रक़म डालने की आशंका कहीं ज़्यादा होती है, जबकि अच्छी तरह जाँचा-परखा एल्गोरिद्म यह पक्का करता है कि सही ऑर्डर ही जाए।

एल्गो ट्रेडिंग का शायद सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि यह इंसानी भावनाओं को बाज़ार से दूर रखता है, क्योंकि सारे ट्रेड पहले से तय नियमों के दायरे में ही होते हैं। यह इसलिए फ़ायदेमंद है क्योंकि ट्रेडिंग करते समय इंसान ऐसी भावनाओं में बह जाते हैं, जो तर्कहीन फ़ैसलों की ओर ले जाती हैं। ग़लत फ़ैसले करवाने वाली दो भावनाएँ — डर और लालच — एल्गो ट्रेडर्स पर असर नहीं डाल पातीं।

एल्गो ट्रेडिंग का एक और फ़ायदा है बैकटेस्टिंग की सुविधा। ट्रेडर्स के लिए यह जानना मुश्किल होता है कि उनकी रणनीति के कौन-से हिस्से काम करते हैं और कौन-से नहीं, क्योंकि वे अपना सिस्टम पुराने डेटा पर नहीं चला सकते। एल्गो ट्रेडिंग में आप एल्गोरिद्म को पुराने डेटा पर चलाकर देख सकते हैं कि वह पहले कारगर होता या नहीं। यह क्षमता बहुत बड़ा फ़ायदा है, क्योंकि इससे रणनीति को असली पैसे से चलाने से पहले उसकी खामियाँ दूर की जा सकती हैं।

ऑटोमेटेड ट्रेडिंग का एक और फ़ायदा है कम ट्रेडिंग लागत। एल्गो ट्रेडिंग में ट्रेडर्स को बाज़ार पर नज़र रखने में उतना समय नहीं लगाना पड़ता, क्योंकि ट्रेड बिना लगातार निगरानी के execute हो जाते हैं। ट्रेडिंग में लगने वाले समय की यह भारी बचत लेन-देन की लागत घटा देती है, क्योंकि बाज़ार पर हर पल नज़र रखने की opportunity cost ख़त्म हो जाती है।