GameFi के साथ हमारी ज़िंदगी में आए कॉन्सेप्ट

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GameFi

GameFi ऐसे प्रोजेक्ट्स को कहते हैं जो गेमिंग इंडस्ट्री को फाइनेंशियल स्तर पर ले आते हैं। ब्लॉकचेन पर चलने वाले GameFi प्रोजेक्ट्स में गेम के अंदर होने वाले सारे लेनदेन ब्लॉकचेन पर दर्ज होते हैं और खिलाड़ी ओनरशिप यानी स्वामित्व की अवधारणा से परिचित होते हैं।

ब्लॉकचेन आधारित गेमिंग

ब्लॉकचेन आधारित गेम्स का मकसद ब्लॉकचेन तकनीकों का फायदा उठाना भी है और ब्लॉकचेन आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए यूज़र्स के गेमिंग अनुभव को और समृद्ध बनाना भी। इन गेम्स में यूज़र्स द्वारा गेम में बनाई और कमाई गई एसेट्स ब्लॉकचेन पर स्टोर होती हैं और खिलाड़ियों का स्वामित्व सुरक्षित रहता है।

P2E (Play to Earn)

यह डेस्कटॉप या मोबाइल गेम्स का एक बिज़नेस मॉडल है, जिसमें खिलाड़ी अपने टास्क पूरे करके पॉइंट, कॉइन या वर्चुअल मनी जैसे रिवॉर्ड कमाते हैं। P2E मॉडल वाले गेम्स में वर्चुअल माहौल में NFT के रूप में जीते गए इनाम असली पैसे में बदले जा सकते हैं।

Move to Earn (M2E)

M2E मॉडल इस्तेमाल करने वाले प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य है — हरकत करके कमाई। जब यूज़र चलते, दौड़ते, खेलकूद करते या डांस करते हैं, यानी जब भी वे मूवमेंट में होते हैं, तो GPS ट्रैकिंग और मोशन सेंसर इन गतिविधियों को पकड़ लेते हैं। मूवमेंट से कमाए गए रिवॉर्ड असली पैसे में बदले जा सकते हैं।

IGO (Initial Game Offering)

IGO सिस्टम की मदद से ब्लॉकचेन पर आधारित गेम प्रोजेक्ट्स के टोकन या इन-गेम आइटम्स की, गेम रिलीज़ होने से पहले ही प्री-सेल की जा सकती है।

वर्चुअल लैंड

वर्चुअल लैंड ऐसी डिजिटल एसेट्स हैं जो मेटावर्स की दुनियाओं में मिलती हैं और जिनकी खरीद-बिक्री हो सकती है। ये यूज़र्स को कई तरह के इस्तेमाल की सुविधा देती हैं — जैसे विज्ञापन, गेम्स, सोशलाइज़िंग और बिज़नेस। वर्चुअल लैंड, जहाँ करेंसी के रूप में क्रिप्टोकरेंसी चलती है, NFT मार्केटप्लेस पर हुए लेनदेन के ज़रिए खरीदी या किराए पर ली जा सकती है।

NFT

हालाँकि NFT अपने आप में एक समृद्ध विषय है, फिर भी GameFi के तहत इसे समझना ज़रूरी है। आर्ट, वीडियो, म्यूज़िक और टेक्स्ट जैसी श्रेणियों में बँटे NFT गेमिंग की दुनिया में अवतार, कॉस्ट्यूम और कॉइन जैसी डिजिटल एसेट्स के रूप में सामने आते हैं। GameFi की दुनिया में असली मुनाफ़ा NFT के ज़रिए ही कमाया जाता है।

VR (वर्चुअल रियलिटी)

VR तकनीक गेमिंग इंडस्ट्री के गेम्स को दो-आयामी दुनिया से निकालकर तीन आयामों में अनुभव करने लायक बनाती है। VR तकनीक से मिलने वाला वर्चुअल रियलिटी का अनुभव ऐसी हार्डवेयर तकनीकों से समर्थित है जो देखने, सुनने, छूने और यहाँ तक कि सूँघने जैसी इंद्रियों को सक्रिय करती हैं।

इंटरऑपरेबिलिटी

यह कॉन्सेप्ट गेमिंग की दुनिया में अलग-अलग सिस्टम्स के साथ मिलकर काम करने की स्थिति को दर्शाता है। गेमिंग अनुभव देने वाले हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर टूल इस अनुभव को समृद्ध बनाने के लिए साथ मिलकर काम करते हैं।

इन-गेम टोकन

इन-गेम टोकन गेम्स के अंदर कई तरह की सुविधाएँ देते हैं। इनका इस्तेमाल गेम में लेवल बढ़ाने, किरदार को आगे बढ़ाने या गेम के अंदर खरीदारी करने के लिए होता है।

PvP (Player vs. Player)

PvP शब्द का मतलब है — एक या एक से ज़्यादा खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ गेम खेलना। यह कॉन्सेप्ट ख़ासकर ऑनलाइन गेम्स में बहुत इस्तेमाल होता है।

PvE (Player vs. Environment)

PvE कॉन्सेप्ट उस स्थिति के लिए इस्तेमाल होता है जब खिलाड़ी AI के ख़िलाफ़ खेलते हैं। PvE में कंप्यूटर के ख़िलाफ़ अकेले या ग्रुप में खेले जाने वाले गेम्स आते हैं। मिसाल के तौर पर, किसी वॉर गेम में प्रोग्राम किए गए मॉन्स्टर के ख़िलाफ़ खेलना PvE है।

एसेट ओनरशिप

गेमिंग की दुनिया में एसेट ओनरशिप का मतलब है — खिलाड़ियों का उनकी कमाई हुई डिजिटल एसेट्स पर स्वामित्व का अधिकार। GameFi प्रोजेक्ट्स में एसेट ओनरशिप तब बनती है जब गेम्स और खिलाड़ियों की गतिविधियाँ ब्लॉकचेन पर दर्ज होती हैं।

साइबरवर्ल्ड

साइबरवर्ल्ड उस सिस्टम को कहते हैं जिसमें कंप्यूटर आपस में संवाद करते हैं। मल्टीप्लेयर गेम्स अलग-अलग कंप्यूटरों के बीच बने इसी संपर्क की बदौलत चलते हैं। इसलिए कहा जा सकता है कि मल्टीप्लेयर ऑनलाइन गेम्स एक साइबरवर्ल्ड हैं।

यील्ड फ़ार्मिंग

यील्ड फ़ार्मिंग का मतलब है — यूज़र्स द्वारा अपनी क्रिप्टो एसेट्स को भविष्य के मुनाफ़े के लिए उधार देना या किसी लिक्विडिटी पूल में स्टेक करना।