विकेंद्रीकृत एप्लिकेशन (DApp) क्या हैं?

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DApp एप्लिकेशन और सिस्टम का एक विकेंद्रीकृत समूह है, जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर बना होता है। ये एप्लिकेशन पीयर-टू-पीयर नेटवर्क सिस्टम पर काम करते हैं और इनमें नेटवर्क को नियंत्रित करने वाला कोई तंत्र नहीं होता — कोई केंद्रीय संस्था इन्हें नियंत्रित नहीं कर सकती। डेटा पर पूरा नियंत्रण यूज़र के पास ही रहता है। विकेंद्रीकृत होने की वजह से इनमें बाहर से कोई दख़ल संभव नहीं है, और इसी वजह से यूज़र की सुरक्षा हमेशा सबसे आगे रहती है।

DApp सिर्फ़ मोबाइल ऐप तक सीमित नहीं हैं। वेब ब्राउज़र और वीडियो गेम के रूप में भी DApp मौजूद हैं। अपनी ख़ूबियों की वजह से ये रोज़मर्रा की ज़िंदगी में यूज़र को कई सुविधाएँ दे सकते हैं। कुछ DApp बीमा ख़रीदने-बेचने, कंप्यूटिंग पावर किराए पर देने और फ्रीलांसरों के लिए मार्केटप्लेस बनाने जैसे काम करते हैं।

DApp की टेक्नोलॉजी

DApp ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं। इन पर होने वाले किसी भी लेनदेन में कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं होता। कोई सेंट्रल सर्वर नहीं होता: एप्लिकेशन पीयर-टू-पीयर नेटवर्क से चलते हैं और नेटवर्क पर किसी का केंद्रीय नियंत्रण नहीं होता। DApp ओपन सोर्स कोड इस्तेमाल करते हैं, इसलिए सभी लेनदेन कोई भी देख सकता है। ब्लॉकचेन की दुनिया में DApp अभी उभरती हुई टेक्नोलॉजी है।

DApp से क्या मिलता है?

विकेंद्रीकरण की वजह से DApp हर तरह के बाहरी दख़ल से बंद रहते हैं। इन्हें कोई अथॉरिटी सेंसर नहीं कर सकती और न ही कोई बाहरी कारण इन्हें रोक सकता है। DApp सिर्फ़ तभी बंद होते हैं जब यूज़र के स्तर पर तकनीकी दिक्कत आ जाए; बाक़ी समय ये लगातार चलते रहते हैं। सेंट्रल सर्वर न होने का मतलब है कि डेटा पर पूरा नियंत्रण यूज़र के हाथ में रहता है। और ओपन सोर्स कोड की वजह से सारे रिकॉर्ड ब्लॉकचेन के ज़रिए यूज़र के लिए खुले रहते हैं।

DApp विकेंद्रीकृत एप्लिकेशन