क्रिप्टो बाज़ार में निवेशक जिन शब्दों का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनमें “pump and dump” भी शामिल है। किसी क्रिप्टोकरेंसी के भाव में बनावटी तरीके से लाई गई तेज़ी और गिरावट को बताने वाले इन शब्दों का हिंदी मतलब है — भाव फुलाना और फिर माल उतार देना। ये क्रिप्टो बाज़ार के भ्रामक सौदे हैं और निवेशकों को इनसे बेहद सावधान रहना चाहिए।
बाज़ार में हेरफेर करने के लिए फैलाई गई झूठी खबरें भावों को ऊपर भी ले जाती हैं और नीचे भी। Pump और dump दरअसल वही हलचल है जो इन फ़र्ज़ी खबरों से बाज़ार में पैदा की जाती है।
बाज़ार पर Pump and Dump का असर
जिस क्रिप्टोकरेंसी की असली कीमत नहीं होती, उसकी अच्छी मार्केटिंग खड़ी करने के लिए बाज़ार को बनावटी तरीके से फुलाया जाता है। इसी को pump कहते हैं।
बाज़ार को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले pump के तरीके ये हैं;
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भ्रामक खबरें, जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं होता
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सोशल मीडिया पोस्ट
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यह बात फैलाना कि बेकार पड़ी उस क्रिप्टोकरेंसी में अभी खरीदारी का मौका है
Pump and dump किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि गिरोह बनाकर किया जाने वाला खेल है। मार्केट मैनिपुलेटर कहलाने वाले ये समूह आपस में तय करके भारी मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी खरीदते हैं और बाज़ार को चढ़ाकर दूसरे निवेशकों को खींच लेते हैं। इस तरह वे भाव को तेज़ी से ऊपर धकेलते रहते हैं और बेकार क्रिप्टोकरेंसी में दिलचस्पी बढ़ती जाती है। बाज़ार को न समझने वाले निवेशक सोचते हैं कि सिक्का सचमुच कीमती हो रहा है और उसमें पैसा लगा देते हैं — pump इसी तरह पूरा होता है। जैसे ही भाव उनके तय स्तर पर पहुँचता है, वे सब एक साथ बेच देते हैं और मुनाफ़े का अपना सपना फिर से पूरा कर लेते हैं। इस तरीके से बाज़ार में हेरफेर करने वाले कमाते हैं, जबकि बाज़ार की कम समझ रखने वाले निवेशक अपना पैसा गँवाते हैं।
क्रिप्टो ट्रेडर्स को इस तरह की बाज़ार-हेराफेरी से बहुत सतर्क रहने की ज़रूरत है। अपने निवेश की दिशा तय करते समय हमारी सलाह है कि उन्हीं प्लेटफ़ॉर्म और विश्लेषकों की राय पर चलें जिन पर आप सचमुच भरोसा कर सकते हैं।
