2021 के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में करीब 30 करोड़ क्रिप्टो यूज़र हैं, यानी दुनिया की आबादी का महज़ 4%। कई देशों को क्रिप्टो के इस्तेमाल के आधार पर परखने वाले एक हालिया सर्वे में पांच देश साफ तौर पर सबसे आगे निकले।
2021 में कई ऐसी चीज़ें हुईं जिन्होंने क्रिप्टो को अपनाने और पहचान दिलाने की रफ्तार बढ़ा दी। आइए इन पर एक नज़र डालते हैं।
बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन के ऑल-टाइम हाई
2020 में बिटकॉइन गिरकर 4,000 डॉलर तक आ गया था, लेकिन इसके बाद यह बेहद तेज़ी से और अप्रत्याशित तरीके से चढ़ा। इसी तेज़ उछाल ने मई में BTC की कीमत को 60,000 डॉलर के पार पहुंचा दिया। इस तेज़ी के साथ बाकी ऑल्टकॉइन भी तेज़ी से बढ़ने लगे और लोगों ने इसमें बड़ा मौका देखा।
इसके अलावा DeFi (डिसेंट्रलाइज़्ड फाइनेंस), NFT (नॉन-फंजिबल टोकन) जैसी नई चीज़ों की बदौलत क्रिप्टो में दिलचस्पी और बढ़ी और लोगों के लिए नए रास्ते खुल गए।
संस्थागत स्तर पर अपनाया जाना
पिछले सालों के उलट, कंपनियों का क्रिप्टो अपनाना इस उछाल की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर टेस्ला जैसी कंपनियां रहीं, जिन्होंने अपने बिटकॉइन भंडार का ऐलान करना शुरू किया। इसके ऊपर से अल साल्वाडोर ने बिटकॉइन को कानूनी मुद्रा के तौर पर स्वीकार कर लिया।
आम लोगों में स्वीकार्यता
आखिरकार इस बढ़त को रफ्तार उन्हीं लोगों से मिली जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में क्रिप्टो खरीदते, बेचते और ट्रेड करते हैं। TripleA के मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक मोहल्ले की छोटी दुकानों से लेकर टेस्ला जैसी वैश्विक कंपनियों तक, 18,000 से ज़्यादा कारोबार क्रिप्टो पेमेंट स्वीकार करते हैं, जो दिखाता है कि लोगों के बीच क्रिप्टो की पैठ लगातार बढ़ रही है।
यह शिखर है या अभी शुरुआत भर?
30 करोड़ क्रिप्टो यूज़र को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, फिर भी यह उस मंज़िल से काफी दूर है जिसकी कल्पना क्रिप्टो इंडस्ट्री करती है। तय लक्ष्यों के हिसाब से, जब दुनिया भर में क्रिप्टो का इस्तेमाल 50% तक पहुंच जाएगा, तब इसके दुनिया की सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली तकनीकों में शामिल होने की उम्मीद है।
क्रिप्टो अपनाने में सबसे आगे पांच देश
अर्थव्यवस्था से लेकर नियामकों तक, हर देश में अलग-अलग वजहें काम करती हैं और कुछ देश क्रिप्टो के इस्तेमाल में बाकी सबसे कहीं आगे निकल चुके हैं। नीचे दी गई रैंकिंग Statista के एक हालिया सर्वे पर आधारित है।
नाइजीरिया - 32%
नाइजीरिया की आबादी करीब 20 करोड़ है और यह ज़्यादातर युवा और टेक्नोलॉजी में माहिर है। ज़्यादातर नाइजीरियाई अपने फोन से आसानी से पैसे भेज और मंगा सकते हैं, और Statista के सर्वे में शामिल करीब एक-तिहाई नाइजीरियाई ज़िंदगी में कम से कम एक बार क्रिप्टो इस्तेमाल कर चुके हैं या रख चुके हैं।
वियतनाम - 21%
ट्रेडिंग और P2P से लेकर पेमेंट तक, तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले इस दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में क्रिप्टो और इससे जुड़ी सेवाओं की मांग ज़बरदस्त रही है। Chainalysis के मुताबिक यहां के क्रिप्टो ट्रेडर्स ने 2020 में क्रिप्टो से 40 करोड़ डॉलर कमाए।
फिलीपींस - 20%
वियतनाम जैसी ही खूबियों वाला एक और दक्षिण-पूर्व एशियाई देश क्रिप्टो अपनाने में बेहद फुर्तीला साबित हुआ है। यहां के केंद्रीय बैंक ने क्रिप्टो कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं, जबकि सरकार तक ने ब्लॉकचेन ऐप के ज़रिए बॉन्ड जारी करना शुरू कर दिया है।
तुर्की - 16%
यूरोप और एशिया के बीच पुल का काम करने वाले इस देश में क्रिप्टो बाज़ार इतना बड़ा है कि क्रिप्टो कंपनियां राष्ट्रीय फुटबॉल टीमों को स्पॉन्सर करती हैं और फुटबॉल क्लब ब्लॉकचेन आधारित फैन टोकन जारी करते हैं।
पेरू - 16%
लैटिन अमेरिका के कम से कम छह देशों में क्रिप्टो अपनाने की दर दोहरे अंकों में पहुंच चुकी है, और इनमें पेरू सबसे आगे है।
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