API क्या है और इसका उपयोग क्यों होता है?

· 3 min read

इंटरनेट ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करने वाले ज़्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं होता कि मोबाइल या डेस्कटॉप ऐप में कुछ करते समय बैकग्राउंड में क्या चल रहा है। आधुनिक ऐप्लिकेशन आमतौर पर ऐप या वेबसाइट से दिए गए कमांड को API (Application Programming Interface) के ज़रिये बैकग्राउंड में चल रहे सॉफ़्टवेयर तक पहुँचाते हैं, ताकि लेन-देन ज़्यादा सुरक्षित और तेज़ हो। हमारा रोज़मर्रा का काम आसान बनाने वाली कई ऐप्लिकेशन और सेवाएँ API का ही इस्तेमाल करती हैं।

ऐप या वेबसाइट जिस API का उपयोग करती है, वह यूज़र को यह सुविधा भी देती है कि वह वेबसाइट या मोबाइल ऐप में गए बिना, अपने लिखे प्रोग्राम से ही काम कर सके या डेटा ले सके। समाचार, मार्केट डेटा, मौसम जैसी सार्वजनिक जानकारी के अलावा API उन निजी कामों के लिए भी इस्तेमाल होती है जिनमें यूज़रनेम और पासवर्ड ज़रूरी होता है, और यहाँ यह गति, लचीलापन और ऑटोमेशन देती है। वेबसाइट या मोबाइल ऐप के इंटरफ़ेस पर जो काम आप कई क्लिक करके पूरा करते हैं, वही काम अपने लिखे प्रोग्राम से API के एक कमांड में कहीं कम समय में हो जाता है।

इंटरनेट ऐप्लिकेशन में, यूज़र की माँग पूरी करने के लिए बैकग्राउंड में चलने वाला सॉफ़्टवेयर इंतज़ार करता है कि यूज़र किसी क्लाइंट के ज़रिये कोई रिक्वेस्ट या कमांड भेजे। API से रिक्वेस्ट मिलने के बाद वह डेटा प्रोसेस करता है और क्वेरी का नतीजा वापस भेज देता है। API इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति इस आउटपुट को अपनी प्रोग्रामिंग भाषा में जैसे चाहे वैसे फ़ॉर्मैट कर सकता है। API से आने वाले डेटा को आप बैकग्राउंड में अपने डेटाबेस में लिख सकते हैं, या अपनी वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर मनचाहे रूप में दिखा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, जब आप हवाई टिकट खोजते हैं तो चुनते हैं कि किस शहर या एयरपोर्ट से किस शहर या एयरपोर्ट तक जाना है, यात्रा किस तारीख़ को करनी है, यहाँ तक कि वापसी का रूट और तारीख़ भी, और फिर सर्च बटन दबाते हैं। अगर आप यह किसी एक एयरलाइन की वेबसाइट पर करते हैं, तो स्क्रीन पर सिर्फ़ उसी एयरलाइन की उड़ानें दिखेंगी। लेकिन वही खोज अगर आप एक से ज़्यादा एयरलाइनों के टिकट बेचने वाली वेबसाइट पर करें, तो आपकी क्वेरी API के ज़रिये कई एयरलाइनों के सिस्टम से जुड़ती है, आपकी खोज से मेल खाती उड़ानों की जानकारी लाती है और कई कंपनियों की फ़्लाइट एक साथ दिखा देती है। इस तरह कम समय में आपको ज़्यादा विकल्प मिल जाते हैं।

Application Programming Interface (API) सुरक्षा की अतिरिक्त परतें भी देती है। जिस यूज़रनेम और पासवर्ड से आपके पूरे अकाउंट का नियंत्रण मिलता है, उसे अपने सॉफ़्टवेयर के साथ साझा किए बिना आप API key से सत्यापन कर सकते हैं। इससे जिस प्लैटफ़ॉर्म पर आप ट्रेड करते हैं उसके साथ डेटा का आदान-प्रदान सीमित रहता है और सिर्फ़ उतने ही डेटा तक पहुँच मिलती है जितने की आपको ज़रूरत है।

वेबसाइट खोलने पर आपको ऐसे मेन्यू या विज्ञापन दिख सकते हैं जिनका आपने कभी इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन वही काम API से करने पर आपको सिर्फ़ ज़रूरी डेटा सादे टेक्स्ट में मिलता है।

क्रिप्टो की दुनिया में API का इस्तेमाल बहुत आम है। क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लैटफ़ॉर्म, मोबाइल वॉलेट और प्राइस देने वाली सेवाएँ अपने यूज़र्स को API के ज़रिये अलग-अलग डेटा और प्लैटफ़ॉर्म पर काम करने की सुविधा देती हैं।

Binance फ़्यूचर्स से जुड़े @Hafizebot का इस्तेमाल करने के लिए आप Binance पर API बना सकते हैं और /applyforapi कमांड से Telegram पर प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसके बाद आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से तैयार होने वाले @hafizebot के सिग्नल से ऑटोट्रेड कर सकते हैं।

API API क्या है Application Programming Interface Binance Hafizebot