आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जिसे आमतौर पर AI कहा जाता है, ऐसे सिस्टम या मशीनों को कहते हैं जो काम पूरा करने के लिए इंसानी बुद्धि की नकल करते हैं और जो जुटाई गई जानकारी के दम पर खुद को धीरे-धीरे बेहतर बनाते जाते हैं। AI हमारे सामने कई रूपों में आता है — जैसे आपसे बातचीत करने वाले चैटबॉट या सुझाव देने वाले बॉट। आज हम उन बॉट्स की बात करेंगे जो आपकी जगह किसी फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट में ट्रेड करते हैं।
AI को एक नन्हे बच्चे की तरह समझिए। बच्चे हम बड़ों के मुकाबले कहीं तेज़ी से सीखते हैं। उन्हें जो सिखाया जाता है, उसी के आधार पर वे सही और गलत में फर्क करना सीखते हैं। बच्चों की तरह ही AI भी उस डेटा के आधार पर सही और गलत में फर्क करना सीख सकता है जो हम उसके सामने रखते हैं। इसी तरीके को मशीन लर्निंग कहते हैं — इसमें हम एक कंप्यूटर प्रोग्राम को मनचाहे जवाब देने के लिए ट्रेन करते हैं, और ट्रेनिंग के बाद जो प्रोग्राम तैयार होता है, वही हमारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बन जाता है।
AI को बेहद अलग-अलग विषयों पर ट्रेन किया जा सकता है। विषय जितना जटिल और डेटा जितना बड़ा होगा, ट्रेनिंग की प्रक्रिया उतनी ही मुश्किल और लंबी होगी। हममें से ज़्यादातर लोगों के पास फाइनेंशियल मार्केट में ट्रेड करने की अपनी रणनीतियाँ होती हैं। लेकिन अगर हम AI को अपनी खुद की रणनीति बनाने लायक डेटा दे दें, तो वह रणनीति कैसी होगी?
HafizeBot एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है जिसे मशीन लर्निंग के ज़रिए, गणितीय फॉर्मूलों और इंडिकेटर जैसे 240 से ज़्यादा अलग-अलग तत्वों पर ट्रेन किया गया है। एक बच्चे की तरह HafizeBot ने भी Binance Futures मार्केट में लाखों ट्रेड करके यह सीखा है कि उसे कौन सा डेटा और कौन सी परिस्थितियाँ इस्तेमाल करनी चाहिए — और वह अब भी सीख रहा है। हर मिनट नया डेटा बनता है, इसलिए HafizeBot का AI आज भी सीखने के दौर में है। इसी वजह से यह बदलते बाज़ार के मुताबिक खुद को ढालता है और ज़्यादा सटीक फैसले लेता है।
कोई AI कितने सटीक फैसले लेता है, यही तय करता है कि वह कितना सफल है। कोई भी AI 100% सही फैसले नहीं ले सकता, क्योंकि 100% सही फैसले लेने के लिए ट्रेन किया गया AI ओवरफिट हो जाता है और जब बाज़ार की वोलैटिलिटी जैसा अनजाना डेटा सामने आता है तो वह बुरी तरह गलत साबित हो सकता है। HafizeBot हर महीने अपने ट्रेडिंग रिकॉर्ड साझा करता है, जिन्हें आप इस लिंक से देख सकते हैं। HafizeBot आमतौर पर 90% से ऊपर की सटीकता का लक्ष्य रखता है और उसे हासिल भी करता है। वहीं फरवरी 2022 की रिपोर्ट में इसकी सटीकता शानदार 99% रही।
एक ट्रेन किए हुए AI की मदद से ऑटोमेटिक ट्रेडिंग करना और मुनाफ़ा कमाना मुमकिन है। HafizeBot के यूज़र अपने Binance अकाउंट को HafizeBot सिस्टम से जोड़ देते हैं और HafizeBot को अपनी ओर से ट्रेड करने की इजाज़त देते हैं। इस तरह बेहद सटीक HafizeBot AI सैकड़ों ट्रेड करके यूज़र्स को अपना पोर्टफोलियो बढ़ाने और मुनाफ़ा कमाने में मदद करता है।
आप खुद भी देख सकते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे काम करता है और कितना सटीक है — बस उस टेलीग्राम चैनल से जुड़ जाइए, जहाँ ट्रेडिंग सिग्नल मुफ़्त में साझा किए जाते हैं, हालाँकि 20 मिनट की देरी से।
