FUD आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों और बाज़ार को भटकाने वाले बयानों से पैदा होता है, लेकिन कई बार ऐसी स्थितियाँ भी बन जाती हैं जो अनजाने में FUD खड़ा कर देती हैं। अनिश्चितता और घबराहट के इस माहौल में निवेशक और यूज़र अपनी क्रिप्टोकरेंसी बेचकर उसे फिएट करेंसी में बदल लेते हैं।
पूरे क्रिप्टो बाज़ार या किसी एक क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सुर्खियों में छाए नकारात्मक विषय या जान-बूझकर फैलाई गई अफवाहें यूज़र्स के मन में डर, अनिश्चितता और संदेह भर देती हैं। ऐसे माहौल में कोई भी शॉर्ट या मीडियम टर्म में क्रिप्टोकरेंसी अपने पास रखना नहीं चाहता और बिकवाली शुरू हो जाती है। अगर यह बिकवाली काफी बड़ी हो, तो पूरा बाज़ार नीचे आ जाता है। इस तरह FUD पूरी तरह काम कर जाता है — बाज़ार में बेचैनी फैलाकर गिरावट ले आता है।

क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री में FUD
FUD एक ऐसा शब्द है जो वित्तीय बाज़ारों के बाहर भी इस्तेमाल होता है। फिर भी यह सबसे ज़्यादा वित्तीय बाज़ारों और क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर में ही सुनने को मिलता है। बिटकॉइन और क्रिप्टो बाज़ार 24/7 जीवंत और सक्रिय रहते हैं, यहाँ घटनाक्रम तेज़ी से बदलता है और सोशल मीडिया पर हलचल बहुत ज़्यादा रहती है। यही वजह है कि कुछ देशों के वित्तीय संकट, नकारात्मक खबरें और बड़ी फॉलोइंग वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स से फैली अफवाहें या बयान बाज़ार को बहुत कम समय में हिला सकते हैं।
