क्रिप्टोकरेंसी में वॉल्यूम क्या है?

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किसी क्रिप्टोकरेंसी को परखते समय उसकी सप्लाई, माइनिंग, सर्कुलेशन में मौजूद मात्रा और वॉल्यूम जैसे अहम पैमाने देखे जाते हैं। ट्रेडिंग वॉल्यूम से यह अंदाज़ा लगाने में मदद मिलती है कि यूज़र किसी क्रिप्टोकरेंसी में कितनी बार निवेश कर रहे हैं। इस लेख में आपको इसी सवाल का जवाब मिलेगा कि क्रिप्टोकरेंसी में वॉल्यूम क्या है।

क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग वॉल्यूम एक तय अवधि में हुई सभी खरीद और बिक्री के मूल्यों का जोड़ होता है। यह दिखाता है कि उस समयावधि में निवेशकों के बीच वह क्रिप्टोकरेंसी कितनी मात्रा में हाथ बदली। ट्रेडिंग वॉल्यूम की गणना 24 घंटे के लिए, या फिर दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, वार्षिक और इससे भी लंबी अवधि के लिए की जा सकती है।

क्रिप्टोकरेंसी में वॉल्यूम क्यों मायने रखता है?

किसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले उसका ट्रेडिंग वॉल्यूम जाँचना संभावित निवेशकों के लिए फ़ायदेमंद रहता है। बीते समय में निवेशकों ने उस क्रिप्टोकरेंसी में कितनी दिलचस्पी दिखाई, इसे समझना और तुलना करना उसकी आगे की कीमत का अनुमान लगाने में अहम साबित हो सकता है।

किसी क्रिप्टोकरेंसी का वॉल्यूम बढ़े तो क्या होता है?

वॉल्यूम का बढ़ना इस बात का संकेत हो सकता है कि यूज़र उस क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा कर रहे हैं और उसमें निवेश कर रहे हैं। यही भरोसा और ज़्यादा लोगों को बढ़ते वॉल्यूम वाली क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही, ऊँचे वॉल्यूम वाली क्रिप्टोकरेंसी में हेरफेर करना कम वॉल्यूम वाली क्रिप्टोकरेंसी की तुलना में ज़्यादा मुश्किल होता है।

किसी क्रिप्टोकरेंसी का वॉल्यूम घटे तो क्या होता है?

वॉल्यूम का घटना बताता है कि उस क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या कम हो रही है। ऐसी स्थिति यूज़र की नज़र में उस क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अविश्वास पैदा कर सकती है। कम वॉल्यूम वाली क्रिप्टोकरेंसी में कीमतों में बेहद तेज़ उतार-चढ़ाव आ सकता है। कम वॉल्यूम वाली क्रिप्टोकरेंसी की बड़ी मात्रा रखने वाले निवेशक अकेले ही उसकी कीमत में भारी हलचल पैदा कर सकते हैं।

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